आवाज़ उठाएँगे ... हम साज़ बजाएँगे
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे
१. संसार की सुंदरता में ... है रूप तो तेरा ही
इन चाँद सितारों में ... है अक्स तो तेरा ही
महिमा की तेरी बातें ... हम सब को बताएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
इन चाँद सितारों में ... है अक्स तो तेरा ही
महिमा की तेरी बातें ... हम सब को बताएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
२. दिल तेरा खज़ाना है ... एक पाक मोहब्बत का
था पा न सका कोई ... सागर है तू उल्फ़त का
हम तेरी मोहब्बत से ... दिल अपना सजाएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
था पा न सका कोई ... सागर है तू उल्फ़त का
हम तेरी मोहब्बत से ... दिल अपना सजाएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
३. न देख सका हमको ... तू पाप के सागर में
और बनके मनुष्य आया ... आकाश से सागर में
मुक्ति का तू दाता है ... दुनिया को बताएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
और बनके मनुष्य आया ... आकाश से सागर में
मुक्ति का तू दाता है ... दुनिया को बताएँगे ।
है यीशु महान अपना ... ये गीत सुनाएँगे ...
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