तेरा लहू ... तेरा लहू ... (२)
तेरा लहू पाक करता है
तेरा लहू कुव्वत देता है
१. तेरे लहू की धार से
मिटते गुनाह और खिलते हैं फूल
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
धोकर के साफ़ करता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
२. तेरे लहू में जो छिपे
किसी भी बला से कभी न डरे
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
तेरा लहू हिम्मत देता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
३. तेरा लहू ढाल और किला
सबकी पनाह मज़बूत आसरा
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
दिल में सुकून भरता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
४. तेरे लहू के झरनों से
ज़ख्म तो क्या मिटे नासूर भी
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
मरहम का काम करता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
तेरा लहू पाक करता है
तेरा लहू कुव्वत देता है
१. तेरे लहू की धार से
मिटते गुनाह और खिलते हैं फूल
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
धोकर के साफ़ करता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
२. तेरे लहू में जो छिपे
किसी भी बला से कभी न डरे
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
तेरा लहू हिम्मत देता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
३. तेरा लहू ढाल और किला
सबकी पनाह मज़बूत आसरा
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
दिल में सुकून भरता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
४. तेरे लहू के झरनों से
ज़ख्म तो क्या मिटे नासूर भी
तेरा लहू ... तेरा लहू ...(२)
मरहम का काम करता है ...।
तेरा लहू कुव्वत देता है ...
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